Way forward for community advertising in india by asort business



Community Advertising आने वाले time का enterprise है.
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आपको शायद सुनने में अजीब लगे however ये हक़ीक़त बहुत जल्दी आप लोगों के सामने आने वाली है। ये बात मैं हवा में नहीं कह रहा हूँ। इस बात में 100% सच्चाई है।
Community Advertising पूरी दुनिया में बहुत तेज़ी से develop कर रही है। और जब तक दुनिया में लोग रहेंगे तब तक ये enterprise चलता रहेगा। क`क्योकि लोगों से ही यह enterprise चलता हैं।

दुनिया में कुछ काम ऐसे भी होते हैं जो लोगों को आसानी से समझ नहीं आते। for instance “आज हम लोग पुरे दिन में ना जाने कितनी बार Fb पे chatting करते हैं। और उसके हम से कोई पैसे भी नहीं लिए जाते, फिर भी कमाई के मामले में Fb का नाम prime 10 web sites में आता है।” कई लोगों ये बात समझ भी नहीं आती होगी कि Fb कमाई भी करता होगा या अगर किसी को पता भी होगा तो उसका cause ही नहीं पता होगा कि earnings कैसे और कहाँ से होता है।

चलिए दोस्तों सबसे पहले ये समझना बहुत ज़रूरी है कि कोई भी business बनती कैसे है और चलती कैसे है। अगर ये चीज़ आपको समझ आ गयी तो आपको ज्यादा कुछ deep में जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। पहले ये जानना बहुत ज़रूरी है कि कोई भी business बनती कैसे

PHASES OF INDUSTRIES

दुनिया में हरेक business को Four section से गुजरना पड़ता है, और दुनिया हरेक उद्योग ऐसे ही बने थे और और आगे भी ऐसे ही बनेंगे।
Adverse Section
Optimistic Section
Development Section
Regular Section

ये Four section क्या हैं ??
अब इनके बारे में थोड़ा element से समझ लेते हैं।

1- Adverse Section

हर business की शुरुआत destructive section से ही होती है, ये वो दौर होता है जब कोई नया enterprise market में आता है however लोगों को समझ नहीं आता। और वे इसे नकार देते हैं।और belief करना इतना आसान भी तो नहीं होता। मन में एक query आता है नयी चीज़ है क्या पता चले ना चले। For instance “शुरुआत में जब banking शुरू हुयी थी तो लोगों को financial institution पे बिल्कुल भी ट्रस्ट नहीं था। उनको लगता था financial institution हमारे पैसे लेके कभी भी भाग सकता है। अपने पैसे को घर में रखना ही secure मानते थे”
“Insurance coverage Sector को लोगों ने आते ही ignore कर दिया था, वजह था belief की कमी। और cause भी जायज़ था। जब तक किसी ने insurance coverage करवा के इसका लाभ ना लिया तब तक कोई यकीन कैसे कर सकता था।
और भी बहुत सारे instance हैं like IT business, Telecom sector, On-line Buying and lots of extra. ऐसे बहुत से instance हैं जिन्हे लोगों ने आते ही “ना” कह दिया था।

2- Optimistic Section

ये वो time होता है जब लोगों को इस business पे belief होना शुरू हो जाता है। अब लोग उस enterprise mannequin को settle for करना शुरू कर देते हैं। उनका नज़रिया optimistic होने लगता हैं। इसका सबसे बड़ा cause होता है end result दिखना। जब लोगों के सामने end result आने शुरू हो जाता है तो लोगों का belief अपने आप बढ़ने लगता है। और वही लोग इसमें दिलचस्पी दिखाने लगते हैं जो पहले इसे ignore कर रहे थे।

Financial institution पे लोगों को तब belief हुआ होगा जब किसी रिश्तेदार, दोस्त या पड़ोसी ने financial institution में पैसे रखे होंगे और उनको security के साथ साथ curiosity भी मिला होगा। Insurance coverage की worth तब पता लगी होगी जब किसी दोस्त की दुर्घटना के बाद उसके घरवालों को insurance coverage का पैसा मिला हो।

Three- Development Section

एक बार किसी business पे belief होने के बाद तो उस business की progress बहुत जल्दी और बहुत ज्यादा हो जाती है। अब किसी को business के बारे में ज्यादा कुछ बताने या समझाने की ज़रूरत नहीं पड़ती। ये वह time होता है जब लोग उस business में make investments या काम करना चाहते है। नतीजा यह होता है enterprise अपनी पूरी pace से develop होना शुरू हो जाता है। Most लोग business के progress section में आने के बाद काम शुरू करते हैं।

Four- Competitors Section

यह एक ऐसा वक़्त होता है जब उस business में competitors बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। अब most लोग business की progress देखकर इसमें काम करना शुरू कर देते हैं। ज्यादा लोगों के काम करने से ज्यादा revenue के लिए सब एक दूसरे से competitors करने लगते हैं।

आज most sectors में competitors हो रहा है। चाहे Financial institution हो, Insurance coverage sector हो, Telecom हो या On-line Buying हर जगह competitors शुरू हो चुका है।

Trade select करने का सही time कौन सा है ?

अगर मेरी राय की बात करें तो मैं किसी भी business में काम करने का सबसे सही टाइम Adverse section को मानता हूँ। क्यूँकि यही वो time होता है जब आपके साथ competitors करने वाले ज्यादा लोग नहीं होते और develop करने का scope भी बहुत ज्यादा होता है। जब कोई business destructive zone में हो और सब इसे नकार रहे हो तो एक बार इस sector को deeply समझने की कोशिश ज़रूर कीजिये। इसके आगे progress के probabilities पे analysis करके ही कोई भी determination लेना सही होता है।

Community Advertising का वर्तमान और भविष्य
Federation of Indian Chambers of Commerce and Trade (FICCI) community advertising को आने वाले दिनों में India में बहुत बड़ी Trade के रूप में स्वीकार कर चुका है। अगर अभी FICCI की report की बात करें तो यह पोस्ट लिखे जाने तक (July 2015) वर्तमान में Community Advertising / Direct Promoting business का measurement 7000 करोड़ रूपये आँका गया है।

पिछले 5 सालों में 20% progress रेट से India में direct promoting enterprise ने progress की है और इस state of affairs को देखते हुए FICCI के अनुसार 2025 तक direct promoting 645 अरब रूपये का व्यापर बन जायेगा।

Develop international locations like अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, कोरिया, थाईलैंड, वियतनाम और सिंगापुर आदि ने तो इस business को काफी हद तक अपना लिया है और लोग भी बहुत जागरूक हैं इस business से। अब India की बारी है

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